महिला कल्याण के क्षेत्र में स्वयं सेवी संस्थाओं को अनुदान योजनाऐं
(Grant-in-aid to Voluntary Organisations Working in the field of Women Welfare)

(क) राज्य प्रायोजित योजनाए
(State Sponsored Schemes)


(1) स्वावलम्बन 
( Swawlamban )

उद्देश्य
महिलाओं को पारम्परिक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करके उनके लिये रोजगार सुनिश्चित करने हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना ।
पात्रता
सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों, विश्व विद्यालयों, स्वयं सेवी संस्था जो सोसाईटी अधिनियम 1860 अथवा राज्य सरकार के समतुल्य अधिनियम के अन्तर्गत पिछले तीन वर्षो से अधिक समय से पंजीकृत हो ।
सहायता
गैर पारम्परिक तथा पारम्परिक व्यवसायों के अतिरिक्त इलैक्ट्रोनिक्स, घडियां बनाना, कम्प्यूटर, सिले सिलाए वस्त तैयार करना आदि के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु संस्थाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है।

 

(2) महिला मण्डल कार्यक्रम
(Mahila Mandal Programmes)

उद्देश्य
बच्चों एवं महिलाओं के विकास, उत्थान हेतु कार्यक्रमों का संचालन ।
पात्रता
समाज के कमजोर वर्ग से सम्बन्धित तथा महिलाएं।
कार्यक्रम
विभाग द्धारा इस कार्यक्रम के संचालन हेतु 25 प्रतिशत तथा केन्द्रीय समाज बोर्ड द्धारा 75 प्रतिशत अनुदान राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड शिमला को प्रदान किया जाता है।


(1) प्रशिक्षण तथा रोजगार हेतु कार्यक्रम
(Support to Training and Employment Programme)

उद्देश्य
महिलाओं की उत्पादकता में वृद्धि करके उन्हें आय उत्पादन कार्यकलाप शुरू करने के योग्य बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और स्वायत्त बनाना ।
पात्रता

  • सोसाईटी पंजीकरण अधिनियम 1860 अथवा राज्य सरकार के समकक्ष अधिनियम के तहत पंजीकृत सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन ।
  • जिला ग्रामीण विकास अभिकरणों, संघों, सहकारी तथा स्वैच्छिक संगठनों जिनकी पंजीकरण की अवधि कम से कम तीन वर्ष हो ।

सहायता
पारम्परिक क्षेत्रों जैसे कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, हथकरघा, हस्तशिल्प, डेरी आदि में प्रशिक्षण हेतु कार्यक्रम के संचालन के लिये 100 प्रतिशत तक अनुदान स्वयं सेवी संस्थाओं इत्यादि को उपलब्ध करवाया जाता है ।


(2) कामकाजी महिलाओं के लिये छात्रावास निर्माण/विस्तार
(Construction/Expansion of Hostel Buildings for Working Women)

उद्देश्य
अपने घरो से दूर रहने वाली कामकाजी महिलाओं को सस्ता एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाना ।
पात्रता

  • इस योजना के अन्तर्गत स्थानीय निकायों,स्वैच्छिक संगठनों/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों / राज्य सरकारो/शिक्षण संस्थानो को कामकाजी महिला छात्रावास के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • स्वैच्छिक संगठन सोसाईटी पंजीकरण अधिनियम 1860 अथवा राज्य सरकार के समतुल्य अधिनियम के अन्तर्गत होना चाहिए।

सहायता
भूमि की लागत का 50 प्रतिशत तथा छात्रावास भवन के निर्माण की लागत का 75 प्रतिशत अंश तक सहायता प्रदान की जाती है ।


(3) महिलाओं पर अत्याचारो की रोकथाम के लिये शिक्षात्मक कार्यक्रम
(Education work for Prevention of Atrocities on women)

उद्देश्य
महिलाओं पर होने वाले बलात्कार,दहेज मृत्यु, पत्नी के मारपीट, शराबखोरी, छेड़खानी आदि अत्याचारों की रोकथाम के लिये प्रचार, प्रकाशन तथा अनुसंधान कार्य का संवर्द्धन करने हेतु ।
पात्रता
पंजीकृत स्वैच्छिक संगठन, विश्व विद्यालय, औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान तथा उच्च शिक्षण संस्थान ।
सहायता
महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के विषयो को उजागर करने वाले शैक्षणिक जरनलों, लेखा, सर्वेक्षण अध्यन, फिल्म पुरस्कार, लघु नाटक, कविता, निबन्ध आदि के लिये अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।


(4) महिलाओं/लड़कियों के लिये अल्पावास गृह
(Short Stay Homes for Women & Girls)

उद्देश्य
पारिवारिक समस्याओं, मानसिक तनाव, सामाजिक बहिष्कार, शोषण तथा अन्य कारणों से ग्रस्त महिलाओ तथा लड़कियों को अस्थाई आवास उपलब्ध कराना।
पात्रता
स्वैच्छिक गैर सरकारी संगठन जो तत्कालीन प्रभावी किसी भी अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत हो, सार्वजनिक न्यास, स्थानीय निकाय इत्यादि।

(5) स्वधार योजना
(Swadhar Yojna)

उद्देश्य
कठिन परिस्थितियों में रह रही महिलाओं जैसे विधवा, यौन उत्पीड़ित, उग्रवादी हिंसा की शिकार, मानसिक तौर पर परेशान महिलाओं को पुर्नवास ।
पात्रता
पंजीकृत स्वयं सेवी संस्थाऐं जो 3 वर्ष का अनुभव रखती हो ।

 
 
                  
                
 
 
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