स्वयं सेवी संस्थाओ को अनुदान योजना
(Grant-in-aid to Voluntary Organizations)
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्रालय भारत सरकार द्धारा संचालित केन्द्रीय प्रायोजित योजनाऐं
(Centrally Sponsored Schemes of Ministry of Social Justice & Empowerment Govt. of India)
(1) अनुसूचित जाति से सम्बन्धित स्वयं सेवी संस्थाओ को अनुदान योजना
(Scheme for Scheduled Castes Grant-in-aid to Voluntary Organizations)
उद्देश्य
अनुसूचित जाति, के शैक्षणिक एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति मे सुधार लाने तथा उन के कौशल उत्थान करके आय सृजित कार्यक्रम शुरू करने योग्य बना कर उन्हे आत्म निर्भर बनाना ।
पात्रता
सहकारी पंजीकरण अधिनियम 1860 अथवा राज्य सरकार के अधिनियम के तहत पंजीकृत स्वयं सेवी सस्थाएं जिनका पंजीकरण हुऐ 2 वर्ष पूरे हो गये हो, भारतीय रैड क्रास सोसाईटी तथा उसकी शाखाएं, पंजीकृत पब्लिक ट्रस्ट, इत्यादि जो किसी व्यक्ति या संस्था के लाभ के लिये कार्य न कर रहे हो ।
सहायता
स्वयं रोजगार स्थापित करने हेतु योग्य बनाने के लिये सेवाओं के विकास कला तथा क्राफट केन्द्रो, आई0 टी0 आई0, बालवाड़ी, क्रैच, अस्पताल , मेबाईल डिस्पैन्सरी इत्यादि की स्थापना सरकारी कार्यक्रमों हेतु जागरूकता अभियान चलाने इत्यादि के लिये 90 प्रतिशत अनुदान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्रालय, भारत सरकार के माध्यम से उपलब्ध करवाती है ।
(2) अन्य पिछडे वर्ग सम्बन्धित स्वयं सेवी संस्थाओ को अनुदान योजना
उद्देश्य
अन्य पिछड़ा वर्गों के शैक्षणिक एवं सामाजिक-आर्थिक स्थिति मे सुधार लाने तथा उन के कौशल उत्थान करके आय सृजित कार्यक्रम शुरू करने योग्य बना कर उन्हे आत्म निर्भर बनाना ।
पात्रता
सहकारी पंजीकरण अधिनियम 1860 अथवा राज्य सरकार के अधिनियम के तहत पंजीकृत स्वयं सेवी संस्थाएं जिनका पंजीकरण हुऐ 2 वर्ष पूरे हुए हो, भारतीय रैड क्रास सोसाईटी तथा उसकी शाखाएं, पंजीकृत पव्लिक ट्रस्ट, इत्यादि जो किसी ब्यक्ति या संस्था के लाभ के लिये कार्य न कर रहे हो ।
सहायता
आय सृजन कार्यक्रमों को शुरू करके इन समुदायों को स्वय रोजगार योग्य बनाने हेतु केन्द्रों, विकास सेवाओं को स्थापित करके हेतु 90 प्रतिशत अनुदान प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्रालय, भारत सरकार के माध्यम से उपलब्ध करवाती है ।
विकलांग व्यक्तियों के कल्याण हेतु अनुदान योजनाऐं
(3) ऐडस एण्ड अप्लाएन्सिज लगवाने व खरीदने हेतु सहायता
(Assistance to Disabled for Purchase of Aids and Appliances)
उद्देश्य
विकलांग व्यक्तियों को आधुनिक ऐडस एण्ड अप्लाएन्स उपलब्ध करवा कर उन्हें पुर्नवासित करना ।
पात्रता
योजना के संचालन हेतु निम्न लिखित ऐजेंसी अनुदान प्राप्त कर सकती हैः-
- “व्यक्ति जिनमे अक्षमतायें हैं” अधिनियम 1995 के अन्तर्गत पंजीकृत संस्था ।
- “सहकारी पंजीकरण अधिनियम” 1860 के अन्तर्गत पंजीकृत संस्था ।
- पंजीकृत चैरीटेबल ट्रस्ट ।
- भारतीय रैड-क्रास की शाखाएं ।
सहायता
जिन विकलांगजन की मासिक आय 10000/- रू0 तक हो, को 6000/-रू0 के ऐडस तथा अपलाऐन्सज उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
(4) दीन दयाल पुनर्वास योजना
(Deen dayal Rehabilitation Centre)
उद्देश्य
विकलांग व्यक्तियों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाने हेतु उनकी शिक्षा,व्यवसायिक प्रशिक्षण तथा उन्हें पुर्नवासित करने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं को विभिन्न योजनाये चलाने के लिए प्रेरित करना ।
पात्रता
निम्नलिखित ऐजेंसी अनुदान प्राप्त करने हेतु सक्षम है ।
- सहकारी पंजीकरण अधिनियम 1860 या राज्य सरकार के समकक्ष अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत संस्था ।
- पंजीकृत चैरीटेबल ट्रस्ट ।
- भारतीय रैड-क्रास की शाखाऐं ।
- जिला ग्रामीण विकास अभिकरण
सहायता
कुल अनुदान प्रस्ताव की 90 प्रतिशत राशि ।
(5) जिला विकलांगता पुनर्वास केन्द्र
(District Disability Rehabilitation Centre)
उद्देश्य
विकलांग व्यक्तियों को सहायक उपकरण उपलब्ध करवा कर उन्हें पुनर्वासित करना ।
कार्यक्रम
- केन्द्र के माध्यम से मुख्यतः विकलांगता का आंकलन, सहायक उपकरणों की पहचान करके उपायुक्त उपकरण उपलब्ध करवाना तथा समय-2 पर उपकरणों की जांच करके उनकी मुरम्मत इत्यादि करना ।
- चिकित्सा सेवायें उपलब्ध करवाना ।
- अवरोध मुक्त वातावरण निर्माण को प्रोत्साहन देना इत्यादि ।
यह केन्द्र धर्मशाला (कांगड़ा), हमीरपुर तथा शिमला में स्थापित किये गये हैं ।
(6) मादक द्रव्य निवारण के लिए अनुदान योजना
(Grant-in-Aid Scheme for Prevention of Drug Abuse)
उद्देश्य
समाज में मादक द्रव्य सेवन की प्रवृति के निवारण हेतु।
पात्रता
योजना के संचालन हेतु निम्न लिखित एजेंसी अनुदान प्राप्त कर सकती हैः-
- सहकारी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अन्तर्गत पंजीकृत संस्था।
- पंजीकृत चैरीटेबल ट्रस्ट
- भारतीय रैड-क्रस की शाखाएं, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण
सहायता
योजना के अन्तर्गत 90 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्रालय द्धारा मादक द्रव्य के प्रति जागरूकता अभियान, शिक्षा, परामर्श केन्द्र, उपचार एवं पुर्नवास केन्द्रों इत्यादि की स्थापना हेतु अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।
(7)राज्य प्रायोजित
स्वयं सेवी संस्थाओं को अनुदान योजना
State Sponsored
(Grant-in-aid Scheme to Voluntary Organisations)
उद्देश्य
कमजोर वर्गो के उत्थान हेतु स्वयं सेवी संस्थाओं द्धारा कल्याणकारी योजनाओं के संचालन उपलब्ध करवाना ।
पात्रता
योजना के संचालन हेतु निम्न लिखित एजेंसी अनुदान प्राप्त कर सकती हैः-
- सहकारी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अन्तर्गत पंजीकृत संस्था ।
- पंजीकृत चैरीटेबल ट्रस्ट
- संस्थाओं को तीन या तीन से अधिक वर्ष का अनुभव
- भारतीय रैड-क्रास की शाखाएं, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण
सहायता
बच्चो, महिलाओं,वृद्धों,विकलांगों एवं असहाय व्यक्तियों के लिये कल्याण कार्यक्रमों हेतु स्वयं सेवी संस्थाओं से प्राप्त प्रस्ताव की राशि का 90 % भाग अनुदान के रूप में विभाग द्धारा उपलब्ध करवाया जाता है।
अनुदान प्राप्त कर रही संस्थाओं के नाम
1. हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद शिमाला
2. हि0प्र0 राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड शिमला
3. कस्तूरबा गांधी राष्ठ्रीय स्मारक निधि शिमला
4. दिव्य मानव ज्योति अनाथलय ट्रस्ट डेहर मण्डी
5. दीनबन्धु सेवा मण्डल भरनाल, मण्डी
6. महिला कल्याण मण्डल चम्बा
7. वल्ह वैली कल्याण सभा भंगरोटू, मण्डी
8. गुज्जर इस्सामियां तासीम सोसाईटी कुठाड़ (चौपाल) शिमला
9. अखिल भारतीय सामाजिक स्वास्थ्य संघ शिमला
10. हिम गिरी कल्याण आश्रम शिल्ली सोलन
11. ऐज केयर इंडिया हिमाचल चैप्टर शिमला
12. प्रेम आश्रम ऊना जिला ऊना
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